विद्यालय की आज की मेरी सुबह
विद्यालय की आज की मेरी सुबह

बेसिक शिक्षा की गरिमा चाहे आज कितनी भी धूमिल क्यो न हो रही हो, किन्तु आज का युवा शिक्षक इस छवि से उबरने का हर बेहतर प्रयास कर रहा है। आजकल ब...

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मैं शिक्षक हूँ या कोई मुजरिम
मैं शिक्षक हूँ या कोई मुजरिम

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय  । बलिहारी गुरु आपकी, गोविंद दियो बताय ।। कबीर जी का यह दोहा शायद अब अपना अस्तित्व खोता नजर आ र...

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मेरा अवलोकन
मेरा अवलोकन

आज बेसिक शिक्षा परिषद का अध्यापक समाजिक दृष्टि से पतन के कगार पर है, जिस ग्रामीण ने कभी पाठशाला का भी मुँह नही देखा वो भी दो-चार ताने ...

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वर्तमान समय व बुढ़ापा
वर्तमान समय व बुढ़ापा

समय किस और जा रहा है, वक्त कैसे अपना रंग दिखा रहा है कुछ समझ ही न आ रहा । हमारी पहली पीढियां संस्कारों से ओतप्रोत थीं। जैसे - जैसे पाश्चा...

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बेसिक शिक्षा, समाज व प्रिंट मीडिया
बेसिक शिक्षा, समाज व प्रिंट मीडिया

बेसिक शिक्षा किसी भी बालक की नींव का आधार होती है, यहाँ एक कोरे कागज के समान बालक एक अलग से वातावरण में आकर भविष्य में अपनी सफलता हेतु नये...

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मैं पुरानी पेंशन हूँ
मैं पुरानी पेंशन हूँ

मैं पुरानी पेंशन, जीवनपर्यंत एक सामाजिक प्राणी की पूर्ण निष्ठा , ईमानदारी से की गयी सेवा के उपरान्त अंत में उसकी आजीविका को चलाने हेतु प्...

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जब मैं बूढ़ा होऊंगा?
जब मैं बूढ़ा होऊंगा?

वर्ष 2044 मेरे सेवानिवृत होने पर आज विद्यालय में मेरे सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया है। सभी शिक्षक साथीगण व अन्य लोग प्रसन्नचि...

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