ड्रग्स से भी ज्यादा शिक्षा में एआई का इस्तेमाल शिक्षण संस्थानों का मूल उद्देश्य सोचने की क्षमता विकसित करना है। मगर एआई के कारण वहां इसके वि...
भारतीय शिक्षा का 78 साल का सफर और 2047 में विकसित राष्ट्र बनने के सपने के बीच भविष्य की शिक्षा का कैसा हो रोडमैप?
भारतीय शिक्षा का 78 साल का सफर और 2047 में विकसित राष्ट्र बनने के सपने के बीच भविष्य की शिक्षा का कैसा हो रोडमैप? ✍️ प्रवीण त्रिवेदी भारत...
"कैरियर की क्रॉसरोड पर खड़ा अकेला छात्र"
"अब आगे क्या करें?" – यह प्रश्न जैसे ही दसवीं या बारहवीं के परिणाम आते हैं, लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के सिर पर हथौड़े की तर...
समय आ गया है कि भारत के शिक्षण संस्थानों में अब ज्ञान के साथ सेहत भी संजोई जाए!
विद्यालय और महाविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य और भविष्य को गढ़ने वाले स्थान भी हैं। लेकिन भारत में श...
संसाधन जितने भी हों, सोच और नवाचार के बिना सब बेकार!
क्या शिक्षा की गुणवत्ता केवल संसाधनों की अधिकता पर निर्भर करती है, या उनका सही उपयोग अधिक महत्वपूर्ण है? यदि संसाधन पर्याप्त हों, लेकिन शिक्...
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लायेगा विशेष शिक्षकों के लिए सम्मान और स्थिरता के साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा अब किसी रहम या अनदेखी का विषय नहीं, बल्कि उनका अधिकार है! सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने विशेष शिक्...
स्कूलों में संवेदनशीलता और समझ के लिए जानिए! क्यों जरूरी है स्कूलों में महिला शिक्षिकाओं की मौजूदगी
विद्यालयों में छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास को सही दिशा देने के लिए एक अनुकूल वातावरण जरूरी है। जब किशोरावस्था की जटिलताएँ सामने आती ...
शिक्षा और जागरूकता को लेकर समाज कब फेल होता है?
शिक्षा और जागरूकता को लेकर समाज कब फेल होता है? "ज्ञान ही शक्ति है, पर जब समाज इसे अपनाने में विफल होता है, तब उसकी जड़ें कमजोर होने लग...
एक स्कूल फेल कब होता है? जब स्कूल पढ़ाने के बजाय चलाने में उलझ जाए!
एक स्कूल फेल कब होता है? जब स्कूल पढ़ाने के बजाय चलाने में उलझ जाए! शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि छात्र के सर्वांगीण व...
एक छात्र वास्तव में फेल कब होता है?
एक छात्र वास्तव में फेल कब होता है? "गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें?" विद्या...
फेल न करने की नीति खत्म, अब सीखना हो प्राथमिकता
फेल न करने की नीति खत्म, अब सीखना हो प्राथमिकता शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को वास्तविक ज्ञान और कौशल...
बड़ी विसंगति से मुक्त हुई स्कूली शिक्षा
बड़ी विसंगति से मुक्त हुई स्कूली शिक्षा आठवीं तक फेल न करने की नीति के चलते बच्चे अगली कथा में पहुंच तो रहे थे, पर कुछ सीख नहीं पा रहे थे य...
शिक्षकों की पक्षधरता आज के समय की मांग
शिक्षकों की पक्षधरता आज के समय की मांग शिक्षक, जो समाज की नींव गढ़ने वाला अदृश्य शिल्पकार है, आज खुद अस्थिरता और अविश्वास के दौर से गुजर र...
स्कूली शिक्षा व्यवस्था की समस्या बनते जा रहे आदेशों के बढ़ते पहाड़
स्कूली शिक्षा व्यवस्था की समस्या बनते जा रहे आदेशों के बढ़ते पहाड़ आदेशों के पहाड़ तले दबे जा रहे हैं स्कूल और गुरुजन, पढ़ाई के सपने अब हो र...
ग्रामीण बचपन की मासूमियत रील्स रूपी डिजिटल आघात
ग्रामीण बचपन की मासूमियत रील्स रूपी डिजिटल आघात "गांव के बच्चे अब भी मासूम हैं, पर रीलों के पीछे वो मज़बूर हैं।" ग्रामीण भारत के...
दक्ष और निपुण बनाए जाने के दबाव में आज के बच्चे
दक्ष और निपुण बनाए जाने के दबाव में आज के बच्चे किताबों के पहाड़ों में दब गया बचपन, खेलों की सूरतों से छिन गया अपनापन। ख्वाब थे जिनमें रंग...
जल्दबाजी के फैसले और बाल मन पर बढ़ता बोझ, ऐसी शिक्षा पर क्यों न हो पुनर्विचार?
जल्दबाजी के फैसले और बाल मन पर बढ़ता बोझ, ऐसी शिक्षा पर क्यों न हो पुनर्विचार? मनोविज्ञान की परवाह करें जो देश, हर नीतियों में बच्चों का द...