शिक्षक मांग रहे ‘माहौल’ मिलते नित नए फरमान!, एक शिक्षक की जान पर 33 काम, गैर शैक्षणिक कार्यो ने बढ़ाई मुश्किलें
शिक्षक मांग रहे ‘माहौल’ मिलते नित नए फरमान!, एक शिक्षक की जान पर 33 काम, गैर शैक्षणिक कार्यो ने बढ़ाई मुश्किलें

शिक्षक मांग रहे ‘माहौल’ मिलते नित नए फरमान!, एक शिक्षक की जान पर 33 काम, गैर शैक्षणिक कार्यो ने बढ़ाई मुश्किलें     दशकों पहले शिक्षकों के प...

Read more »

भारत में शिक्षक के पेशे की प्रतिष्ठा जड़ से खत्म : कोई बच्चा मजबूरी में भी शिक्षक नहीं बनना चाहता, इसकी जवाबदेही लेने को सरकारें क्यों तैयार नहीं?
भारत में शिक्षक के पेशे की प्रतिष्ठा जड़ से खत्म : कोई बच्चा मजबूरी में भी शिक्षक नहीं बनना चाहता, इसकी जवाबदेही लेने को सरकारें क्यों तैयार नहीं?

मुझे अब तक यह याद नहीं पड़ता कि कभी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, दोनों ने एक ही दिन एक ही विषय पर सार्वजनिक भाषण दिया हो। लेकिन इस बार...

Read more »

बच्चों में जिज्ञासा पैदा कर हम उनका सीखना आसान कर सकते हैं और तब हम पायेंगे कि हमारा काम आसान होता जा रहा है
बच्चों में जिज्ञासा पैदा कर हम उनका सीखना आसान कर सकते हैं और तब हम पायेंगे कि हमारा काम आसान होता जा रहा है

शिक्षक का बच्चों के प्रति स्नेह एंव शिक्षण कार्य के प्रति समर्पण प्रत्यक्ष रूप से बच्चों एवं जन समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव डालता है इसके वि...

Read more »

क्या वास्तव मे मूल्यांकन सिर्फ़ बच्चों का ही होता है? मूल्यांकन केवल बच्चों का ही नहीं होता वरन बच्चों द्वारा शिक्षकों का भी होता है
क्या वास्तव मे मूल्यांकन सिर्फ़ बच्चों का ही होता है? मूल्यांकन केवल बच्चों का ही नहीं होता वरन बच्चों द्वारा शिक्षकों का भी होता है

यदि आप थोड़ा सा भी सोंचे तो पायेंगे कि मानव किसी न किसी रूप मे अपना मूल्यांकन करता आया है और उस मूल्यांकन के आधार पर अपनी जीवन दशा को निर...

Read more »

व्याकरण और शब्दकोष, शुद्ध और अशुद्ध भाषा सब बाद मे, पहले बच्चे को भाषा तो बोलने दें और स्वाभाविक रूप से सीखने का मौका तो दें
व्याकरण और शब्दकोष, शुद्ध और अशुद्ध भाषा सब बाद मे, पहले बच्चे को भाषा तो बोलने दें और स्वाभाविक रूप से सीखने का मौका तो दें

भाषा और बोली एक ही बात है। एक समय जंहा ब्रज साहित्य की भाषा थी, आज उसकी जगह खड़ी बोली ने ले ली है।  अँग्रेज़ी ने अपनी लिपि लैटिन से ली है।...

Read more »

हमारी स्कूली व्यवस्था मे ऐसा कुछ ज़रूर होना चाहिए जिससे शिक्षक सफलता का लगातार एहसास करते रहें
हमारी स्कूली व्यवस्था मे ऐसा कुछ ज़रूर होना चाहिए जिससे शिक्षक सफलता का लगातार एहसास करते रहें

शिक्षक सब समस्यायों की जड़ नहीं वरन समस्यायों से घिरा हुआ है।  फिर भी कई समस्यायों के हल शिक्षक के पास ही हैं।  शिक्षक अपनी भूमिका को अच...

Read more »

कक्षाओं में शिक्षकों के स्तर पर महिलाओं की बहुतायत ने क्या एक अलग प्रकार की जेंडर असमानता को जन्म दिया है?
कक्षाओं में शिक्षकों के स्तर पर महिलाओं की बहुतायत ने क्या एक अलग प्रकार की जेंडर असमानता को जन्म दिया है?

प्राथमिक शिक्षा की कक्षाओं में शिक्षकों के स्तर पर महिलाओं की बहुतायत ने क्या एक अलग प्रकार की जेंडर असमानता को जन्म दिया है? Enter...

Read more »

क्या शिक्षकीय व्यवस्था में विद्यालयों से शिक्षकों का गायब रहना ही सबसे बड़ी समस्या है? यह वास्तविकता है या फिर एक मिथ ?
क्या शिक्षकीय व्यवस्था में विद्यालयों से शिक्षकों का गायब रहना ही सबसे बड़ी समस्या है? यह वास्तविकता है या फिर एक मिथ ?

आखिर क्या शिक्षकीय व्यवस्था में विद्यालयों से शिक्षकों का गायब रहना ही सबसे बड़ी समस्या है? क्या यह वास्तविकता है या फिर एक मिथ ? इसी पर आल...

Read more »
 
Top