आखिर स्कूल जाएँ क्यों हम? क्या शिक्षा में है कोई दम?
आखिर स्कूल जाएँ क्यों हम? क्या शिक्षा में है कोई दम?

जब हमने स्कूल की ओर पहला कदम बढ़ाए होंगे, तो हमें यह पक्का पता नहीं रहा होगा कि हम अपने जीवन की सबसे अच्छी जगह जा रहे हैं। पूरे व्यक्तित्व ...

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व्यवस्था की खामियों का ठीकरा शिक्षकों के मत्थे : कितना प्रासंगिक? कितना प्रामाणिक?
व्यवस्था की खामियों का ठीकरा शिक्षकों के मत्थे : कितना प्रासंगिक? कितना प्रामाणिक?

मीडिया और समाज की नज़र में पिछले कुछ समय से शिक्षकों की छवि बिगड़ी या यूं कहें कि बिगाड़ी जा रही है। शिक्षा का अधिकार कानून RTE -2009 आने के ...

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मूल्यांकन की आवश्यकता ही क्या और क्यों?
मूल्यांकन की आवश्यकता ही क्या और क्यों?

यदि मुख्यधारा शिक्षा में मूल्यांकन के प्रचलित तरीके को बदलना है तो कुछ बुनियादी सवालों के बारे में स्पष्टता लाने की आवश्यकता होगी। उदाहरण ...

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शैक्षिक विमर्श में मूल्यांकन बहस का सबसे गंभीर परन्तु सबसे उपेक्षित मुद्दा
शैक्षिक विमर्श में मूल्यांकन बहस का सबसे गंभीर परन्तु सबसे उपेक्षित मुद्दा

समकालीन शैक्षिक विमर्श में मूल्यांकन बहस का सबसे गंभीर परन्तु उपेक्षित मुद्दा बना हुआ है। शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) ने इसे सामयिक बहस ...

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आनंददायी शिक्षा व मेहनती शिक्षा का ध्रुवीकरण : प्रो कृष्ण कुमार
आनंददायी शिक्षा व मेहनती शिक्षा का ध्रुवीकरण : प्रो कृष्ण कुमार

यह आलेख प्रोफेसर कृष्ण कुमार द्वारा लिखा गया है।    आज की शिक्षा व्यवस्था की तरह पाठ्य-पुस्तकें भी ’’परीक्षा केन्द्रित’’ हो गई है। प...

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