स्कूलों को रसोईघर न बनने दें
स्कूलों को रसोईघर न बनने दें

अंग्रेजों ने जिस प्राथमिक शिक्षा की नींव रखी थी, उसमें हर प्राथमिक पाठशाला में पांच अध्यापकों की नियुक्ति, मातृभाषा में शिक्षा, खेल-कूद, फ...

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नया भारत और शिक्षा
नया भारत और शिक्षा

किसी भी समाज के संचालन और उन्नति के लिए शिक्षा धुरी का काम करती है। आधुनिक सामाजिक संस्था के रूप में शिक्षा न केवल समाज की जरूरत के ...

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छात्रों की आत्महत्या का कारण और दोष
छात्रों की आत्महत्या का कारण और दोष

मित्रों, हम सब का देश आज स्वतंत्र गणतन्त्र है जहाँ एक संवैधानिक लिखित व्यवस्था के तहत सबको जीवन जीने के समान और सम्मान के सम्मानित अधिकार ...

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घर ही स्कूल क्यों न बने!
घर ही स्कूल क्यों न बने!

री तेश जोशी-काल्पनिक नाम-की खुद की मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन की एक कंपनी है। विवाह के कई वर्ष बाद उनकी जब बेटी हुई तो उन्हें लगा कि अब...

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बेसिक शिक्षा विभाग में कुशल प्रबंधन की कमी
बेसिक शिक्षा विभाग में कुशल प्रबंधन की कमी

          ह र शैक्षिक संस्था का एक अनुशासन होता है साथ ही एक मजबूत प्रबंध तंत्र होता है विद्यालय का प्रधानाचार्य ही तय करता है कि विद्...

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कमी से बेहाल शिक्षा जगत
कमी से बेहाल शिक्षा जगत

यह विडंबना है कि एक ओर सरकार शिक्षा में सुधार के लिए प्रतिबद्धता जता रही है वहीं शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों की भारी कमी से शिक...

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चेहरा बदलें सरकारी स्कूलों का
चेहरा बदलें सरकारी स्कूलों का

अ गस्त 2015 में लोगों को लगा था कि अब कोई क्रांति आने वाली है, क्योंकि इलाहबाद हाईकोर्ट ने कह दिया था कि अफसरों व नेताओं के बच्चे सर...

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यह पढ़ाई है या मोर्चे पर लड़ाई
यह पढ़ाई है या मोर्चे पर लड़ाई

अलग-अलग बोर्ड के दसवीं-बारहवीं के इम्तेहान सर पर आ गए हैं। 90 प्रतिशत से ऊपर अंक लाने की चिंता करने वालों का खून आहिस्ता-आहिस्ता...

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मैं पुरानी पेंशन हूँ
मैं पुरानी पेंशन हूँ

मैं पुरानी पेंशन, जीवनपर्यंत एक सामाजिक प्राणी की पूर्ण निष्ठा , ईमानदारी से की गयी सेवा के उपरान्त अंत में उसकी आजीविका को चलाने हेतु प्...

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शिक्षक और अभिभावक के संवादहीन संबंध
शिक्षक और अभिभावक के संवादहीन संबंध

अ क्सर मुख्यधारा के स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग के नाम पर कभी-कभार जो मुलाकातें होती हैं, वे न ...

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